Wednesday, October 21st, 2026

केंद्रीय मंत्री शेखावत ने कसा तंज, भारत पीपीई किट बना रहा था और वे भारतीयों के खिलाफ टूलकिट

नई दिल्ली 
किसान आंदोलन से जुड़ी एक टूलकिट ग्रेटा थनबर्ग द्वारा शेयर किए जाने का मामला काफी बढ़ता जा रहा है। दिल्ली पुलिस द्वारा 21 वर्षीय युवती दिशा रवि को गिरफ्तार किए जाने के बाद एडवोकेट निकिता जैकब और पुणे के इंजीनियर शांतनु के खिलाफ वॉरंट जारी किया गया है। वहीं, दिशा को अरेस्ट किए जाने के बाद राजनीतिक दलों की भी प्रतिक्रिया सामने आने लगी हैं। कांग्रेस, आम आदमी पार्टी समेत विपक्षी दलों के नेताओं ने गिरफ्तारी पर सवाल खड़े किए हैं तो सत्ताधारी बीजेपी के नेताओं से इसे जायज ठहराया है। बीजेपी के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने भी तंज कसा है। उन्होंने एक ट्वीट में लिखा है कि जब भारत दुनिया के लिए पीपीई किट बना रहा था, तब वे भारतीयों के खिलाफ टूलकिट बना रहे थे। शर्मनाक है। उन्होंने एक अन्य ट्वीट इस कार्रवाई का बचाव करते हुए  कहा कि अगर आयु आधार है तो फिर परमवीर चक्र से नवाजे गए सेकंड लेफ्टिनेंट अरुण खेत्रपाल 21 साल की उम्र में शहीद हुए। मैं किस पर गर्व करूं। टूलकिट के रूप में दुष्प्रचार फैलाने वालों पर तो गर्व नहीं करूंगा। वहीं, बीजेपी के संगठन महामंत्री बी एल संतोष ने ट्वीट किया कि 21 वर्षीय...पर्यावरण कार्यकर्ता...छात्रा...क्या भारत को तोड़ने वाली ताकतों का हिस्सा बनने के लिए ये खूबियां हैं? वह टूलकिट तक कैसे पहुंची? वह व्हाट्एसएप पर भारत विरोधी ग्रुप में शामिल क्यों हुई? कई सवाल हैं लेकिन सिर्फ एक जवाब है...21 साल।

राहुल-केजरीवाल समेत कई नेताओं ने बोला हमला
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने दिशा की गिरफ्तारी से जुड़ी खबर साझा करते हुए ट्वीट किया कि बोल कि लब आज़ाद हैं तेरे, बोल कि सच ज़िंदा है अब तक! वो डरे हैं, देश नहीं! उन्होंने कहा कि भारत खाामोश नहीं होने वाला है। पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी इसी मामले को लेकर सरकार पर निशाना साधते हुए ट्वीट किया कि डरते हैं बंदूकों वाले एक निहत्थी लड़की से, फैले हैं हिम्मत के उजाले एक निहत्थी लड़की से। वहीं, आम आदमी पार्टी के संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि 21 साल की दिशा रवि की गिरफ्तारी लोकतंत्र पर अप्रत्याशित हमला है। हमारे किसानों का समर्थन करना अपराध नहीं है। संयुक्त किसान मोर्चा ने भी दिशा की गिरफ्तारी की निंदा की और उसे तत्काल रिहा करने की मांग की।

टूलकिट को लेकर दिल्ली पुलिस ने किए कई खुलासे
संयुक्त पुलिस आयुक्त (साइबर) प्रेम नाथ ने कहा कि वकील निकिता जैकब और इंजीनियर शांतनु ने खालिस्तान समर्थक समूह पोएटिक जस्टिस फाउंडेशन (पीएफजे) द्वारा ऑनलाइन जूम ऐप के माध्यम से आयोजित एक बैठक में भी भाग लिया था। उन्होंने कहा कि जैकब भी टूलकिट दस्तावेज बनाने वालों में से एक था।अधिकारियों ने बताया कि इन तीनों ने टूलकिट बनाई और इसे अन्य को भेजा। पुलिस ने दावा किया कि बेंगलुरु से शनिवार को गिरफ्तार की गई दिशा (21) ने टेलीग्राम ऐप के माध्यम से जलवायु परिवर्तन कार्यकर्ता ग्रेटा थनबर्ग को टूलकिट भेजी थी। टूलकिट में ट्विटर के जरिये किसी अभियान को ट्रेंड कराने से संबंधित दिशानिर्देश और सामग्री होती है। नाथ ने कहा कि दिशा, शांतनु और निकिता ने टूलकिट का निर्माण और संपादन किया। दिशा ने टेलीग्राम ऐप के जरिए ग्रेटा थनबर्ग को टूलकिट भेजी।
 

 

#केंद्रीय मंत्री शेखावत

Source : Agency

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